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टरबाइन का चयन कैसे किया जाता है? (How to Selection of Turbine)

नमस्कार दोस्तों इस लेख में हम जानेंगे कि टरबाइन का चयन (Selection of turbine) कैसे किया जाता है? तथा जल विद्युत केंद्र के मुख्य घटक क्या क्या होते हैं? तथा इससे जुड़े हुए अनेक तथ्यों के बारे में जानेंगे।

टरबाइन का चयन (selection of turbine)

हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन के लिए टरबाइन का सलैक्शन जलशीर्ष (Water head) तथा स्पेसिफिक स्पीड द्वारा निर्धारित होता है। विभिन्न प्रकार की टरबाइन, उनके लिये उपयुक्त जलशीर्ष तथा स्पीड निम्न प्रकार है –

क्र.सं.टरबाइन का विवरण (Type of Turbine)जल शीर्ष (Water head for which used)विशिष्ट स्पीड की सीमा(Range of specific speed (British unit))
1.काप्लान टरबाइन45 m200 to 120 rpm
2.रिएक्शन टरबाइन अथवा फ्रान्सिस टरबाइन150m120 to 20 rpm
3.इम्पल्स टरबाइन अथवा पैल्टन व्हील150m to 300m20 to 10 rpm

टरबाइन को डिसचार्च तथा डायरैक्शनल फ्लो के आधार पर भी निम्न प्रकार वर्गीकृत किया जा सकता है –

डिसचार्ज के आधार पर –

  1. कम डिस्चार्ज (Low discharge) : पैल्टन व्हील
  2. माध्यम डिस्चार्ज (Medium discharge): फ्रान्सिस टरबाइन
  3. उच्च डिस्चार्ज (High discharge) : काप्लान टरबाइन

फ्लो की दिशा के आधार पर –

  1. अक्षीय फ्लो (Axial flow) : काप्लान तथा प्रोपैलर टरबाइन
  2. स्पर्शीय फ्लो (Tangential Flow) : पैल्टन टरबाइन
  3. त्रिज्य आन्तरिक फ्लो (Redial inward flow or mixed flow) : फ्रान्सिस टरबाइन

होर्स पावर (मीट्रीक) तथा kW पावर की गणना (Calculation of HP and kW Power)

माना Q = Cubic metre/Sec में डिस्चार्ज
H = जलशीर्ष (Water head) मीटर में
n = हाइड्रोस्टेशन की दक्षता
चूंकि जल के 1 m³ का भार, W = 1000 kg m
So, प्रति सेकण्ड किया गया कार्य = 1000 Q. H. kg/sec
1 HP (metric) = 75 kg/sec
So, विकसित होर्स पावर (H. P.) = 10000 Q. H. n/75
So, किलोवाट में शक्ति (kW),
P = 1000 Q.H.n × 735.5/(75 × 1000)
अथवा P = 9.8 Q.H.n

जल विद्युत केन्द्रों में प्राय: पेल्टन व्हील फ्रान्सिस टरबाइन तथा काप्लान टरबाइन प्रयोग की जाती हैं।

जल विद्युत केन्द्र के मुख्य घटक (Important elements of Hydro-electric Station)

  1. बांध (Dam)
  2. उत्प्लव मार्ग (Spill Way) – जलाशय के अतिरिक्त (Surplus) जल के निकास मार्ग को उत्प्लव मार्ग कहते हैं। इसे बांध का सुरक्षा वाल्व भी कहा जाता है।
  3. जलाशय (Reservoir) – नदी के प्रवाह को बांध द्वारा रोक कर संग्रहीत जल स्तर क्षेत्र जलाशय कहलाता है।
  4. हेड-वर्क – जल स्त्रोत से नहर (Canal) निकालने के लिए किये गये निर्माण कार्य को हैड-वर्क कहते हैं।
  5. वियर (Weir) – यह कंक्रीट की बनी हुई बहते जल में एक ठोस बाधा होती है जिसके द्वारा पानी का तल ऊंचा उठ जाता है। वियर के द्वारा प्रवाह की दिशा को मोड़ा (Divert) जा सकता है।
  6. बैराज (Barraj) – बैराज में इस्पात के बने गेट प्रयोग किये जाते हैं जिन्हें ऊपर उठाकर, पानी का डिस्चार्ज किया जाता है।
  7. फारबे (Forbay) – टरबाइन में जल प्रवेश से पहले नहर को चौड़ा कर दिया जाता है यदि पावर हाउस नहर पर बना है। इसके द्वारा प्रत्यावर्तक पर विद्युत भार बढ़ने पर टरबाइन को आवश्यकता अतिशीघ्र जल की पूर्ति हो जाती है।
  8. पेन-स्टोक (Pen Stock) – प्रवेश प्रणाली से टरबाइन तक पानी के इस्पात के पाइप दर्शाया ले जाते हैं जिन्हें पेन-स्टोक कहते हैं। मध्यम जल शीर्ष संयंत्रों में पेन-स्टोक सीमेण्ट कंक्रीट (R.C.C.) पाइप के बने होते हैं।
  9. गवर्नर (Governor) – यह वह युक्ति है जो संयन्त्र पर भार के अनुसार टरबाइन में जल प्रवाह को नियंत्रित करती है।
  10. वात-नली (Draft Tube) – टरबाइन से पानी का निकास एक वायुरोधक नलिका द्वारा किया जाता है। इस नलिका द्वारा टरबाइन का डिसचार्ज, विसर्जनी तल (Tail Race Level) के नीचे किया जाता है इसे ड्राफ्ट ट्यूब कहते हैं।

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