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डी सी मोटर की वोल्टेज समीकरण। (Voltage Equation of D. C. Motor)

डी.सी. मोटर के आर्मेचर पर दी गई वोल्टेज V निम्न प्रकार प्रयुक्त (Utilise) होती है –

  • विरोधी विद्युत वाहक बल (back e.m.f.) के प्रवाह को समाप्त करने में
  • आर्मेचर प्रतिरोध में वोल्टपात (Voltage drop) को निष्प्रभाव करने में

V = Eb + IaRa

उपरोक्त समीकरण, मोटर की वोल्टेज समीकरण कहलाती है। इसके दोनों पक्षों को Ia से गुणा करने पर,

VIa = EbIa + I²aRa

VIa = आर्मेचर इनपुट
EbIa = विद्युत शक्ति के तुल्य आर्मेचर में उत्पन्न यान्त्रिक शक्ति
aRa = आर्मेचर चालकों में ताम्र हानि (ऊष्मा के रूप में)

आर्मेचर इनपुट (VIa) अंश (IaRa) ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाता है तथा शेष अंश (आर्मेचर पर नहीं) यान्त्रिक ऊर्जा (Pm) के रुप में प्रकट होता है।

अर्थात् Pm = VIa – I²aRa
= (V – IaRa)Ia

किंतु (V – IaRa) मोटर का विरोधी विद्युत वाहक बल है।

अत: Pm = EbIa

डी सी मोटर की वोल्टेज समीकरण। (Voltage Equation of D. C. Motor)

अतएव आर्मेचर में उत्पन्न (Developed) यांत्रिकी शक्ति, विरोधी विद्युत वाहक बल तथा आर्मेचर धारा के गुणफल के बराबर होती है। क्योंकि घर्षण, वायु तथा लौह हानि के कारण कुछ शक्ति नष्ट हो जाती है इसलिए शाफ्ट पर उपलब्ध शक्ति, उत्पन्न शक्ति से कुछ कम होती है।

जब विरोधी विद्युत वाहक बल का मान प्रयुक्त टर्मिनल वोल्टेज का आधा होता है, तब मोटर में उत्पन्न यान्त्रिक शक्ति अधिकतम होती है। वास्तव में यह शर्त कभी भी पूरी नहीं होती है क्योंकि ऐसी स्थिति में धारा Ia, मोटर की सामान्य धारा से बहुत अधिक होगी तथा मोटर की दक्षता 50% से बहुत कम होगी क्योंकि निविष्ट (Input) का आधा भाग ऊष्मा, घर्षण तथा लौह हानि आदि में व्यर्थ में नष्ट हो जायेगा।

अत: मोटर में उच्चतम शक्ति प्राप्त करने के लिए

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डी.सी. मोटर की आर्मेचर बलाघूर्ण समीकरण (Armature torque equation of D. C. Motor) –

हम जानते हैं कि मोटर का आर्मेचर घिरनी की भाति मोटर के बलाघूर्ण से घूमता है तथा उसने उत्पन्न यान्त्रिक शक्ति = EbIa वाट होती है।

So, 2πNT/60 = EbIa
T = (ΦZNPIa × 60)/ 60A (2πN)
Eb = ΦZNP/60A
= 0.159 ΦZIaP/A Nw. m
= 0.0162 ΦZIa(P/A) kg.m

चूंकि किसी विशेष मशीन के लिए Z, P तथा A स्थिर होते हैं,

So,. T∝ ΦIa

श्रेणी मोटर में क्षेत्र के संतृप्त होने से पूर्व फ्लक्स आर्मेचर धारा के सीधे समानुपाती होता है अर्थात्

Φ ∝ I²a

श्रेणी मोटर में,

T∝ I²a

शण्ट मोटर में Φ का लगभग स्थिर रहता है, शण्ट मोटर में,

T ∝ Ia

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