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दिष्ट धारा मोटर क्या है? what is DC motor in hindi

नमस्कार दोस्तों, इस लेख में हम यह जानेंगे कि डी.सी. मोटर (DC motor) क्या होती है? डी.सी. मोटर का सिद्धांत क्या होता है? तथा इसका अनुप्रयोग कहां-कहां किया जाता है।

दिष्ट धारा मोटर (DC motor)

डी.सी. मोटर एक ऐसी मशीन है कि जो विद्युत ऊर्जा (Electric Energy) को यांत्रिकी उर्जा (Mechanical Energy) में परिवर्तित करती है।

डी.सी. मोटर का कार्य सिद्धांत (Working principal D.C. motors) –

चुंबकीय क्षेत्र में बल रेखाओं के लंबवत रखे गए चालक में धारा प्रवाह करने पर चालक पर एक यांत्रिक बल कार्य करता है जिसके कारण चालक यांत्रिक बल की दिशा में चलने या घूमने लगता है। इसी सिद्धांत पर दिष्ट धारा मोटर कार्य करती हैं। इस बल की दिशा प्लेमिंग के बायें हाथ के नियम (Fleming’s left hand rule) से ज्ञात की जा सकती है।

DC motor
DC motor

B बेबर प्रति वर्ग मीटर फ्लक्स घनत्व वाले चुंबक क्षेत्र में रखे गए l मीटर लंबे चालक में i एम्पियर की धारा प्रवाहित करने पर चालक पर कार्यकारी बल F = Bil न्यूटन होता है।

उपयुक्त सिद्धांत को चित्र की सहायता से समझा जा सकता है। चित्र में मुख्य चुंबकीय क्षेत्र में, क्षेत्र के लंबवत एक चालक रखा गया है। चालक में धारा की दिशा इस पेज के लंबवत नीचे की ओर है चालक के ऊपर धारा के कारण विद्युत चुंबकीय क्षेत्र की दिशा मुख्य चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में हैं तथा चालक से नीचे विपरीत दिशा में हैं। परिणाम स्वरुप चालक के ऊपर के भाग में फ्लक्स घनत्व अधिक तथा नीचे के भाग में फ्लक्स घनत्व कम हो जाता है।

Diagram

फ्लक्स घनत्व की इस विभिन्नता के कारण चालक पर कार्य करने वाला बल चालक को नीचे की ओर चलने के लिए बाध्य करता है। चालक में धारा की दिशा यदि बदल दी जाए तब फ्लक्स घनत्व चालक से नीचे अधिक तथा ऊपर क्षीण हो जाने के कारण चालक उपरी दिशा में गति करेगा। वास्तव में चालक आर्मेचर पर स्थापित होते हैं तथा आर्मेचर अपनी धुरी पर ही घूम सकता है इसलिए गतिमान चालक को धारण करने वाला आर्मेचर अपनी धुरी पर घूमने लगता है।

वास्तव में आर्मेचर पर बहुत से चालक होते हैं। ज्यों ही आर्मेचर घूमता है पहले चालक का स्थान पीछे वाले चालक क्रमिक रुप से ग्रहण करते रहते हैं जिन पर, मुख्यत: चुंबकीय क्षेत्र में होने के कारण यांत्रिक बल पूर्ववर्ती दिशा में कार्यरत रहता है‌। परिणाम स्वरुप आर्मेचर एक ही दिशा में घूमता रहेगा। चित्र में द्विध्रुवीय मोटर के आर्मेचर को तीरों की दिशा में घूमता हुआ दर्शाया गया है।

डी.सी. मोटर के अनुप्रयोग (Application of DC motor)

  • डी.सी. मोटर का उपयोग (lathe machine) लेथ मशीन, ग्राइडिंग मशीन, ट्यूबवैल पम्प, विद्युत संरक्षण (Electric traction) तथा औद्योगिक अनुप्रयोगों (Industrial applications) में किया जाता है।
  • इसके अतिरिक्त विद्युत लिफ्ट, करलें एवं विद्युत हायस्ट (Electric Hoist) आदि भी डी.सी. मोटरों द्वारा प्रचालित होते हैं।

मोटर किसे कहते हैं?

वह युक्ति (Device) जो विद्युत ऊर्जा (Electrical energy) को तान्त्रिक ऊर्जा (Mechanical energy) में परिवर्तित करती है। उस युक्ति को मोटर कहते हैं।

इन्हें भी पढ़ें – डिजिटल वोल्टमीटर क्या है? What is Digital voltmeter in hindi –

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