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तुल्यकाली मोटरों पर लोड का क्या प्रभाव होता है? (What is the effect of load on synchronous motor in hindi)

नमस्कार दोस्तों इस लेख में हम जानेंगे कि तुल्यकाली मोटरों पर लोड का क्या प्रभाव होता है? (What is the effect of load on synchronous motor) तथा इससे जुड़े हुए अनेक तथ्यों के बारे में जानेंगे।

तुल्यकाली मोटर पर लोड का प्रभाव (Effect of load on synchronous motor)

तुल्यकाली मोटर पर लोड के प्रभाव पर विचार करने से पहने दिष्ट धारा शण्ट मोटर पर लोड के प्रभाव की विवेचना करना उपयुक्त होगा। यदि दिष्ट धारा शण्ट मोटर पर लोड प्रयुक्त किया जाये, तो उसकी गति थोड़ी कम हो जाती है। दिष्ट धारा शण्ट मोटर में ऑपरेशन के समय उसके आर्मेचर चालकों में एक विरोधी विद्युत वाहक बल Eb उत्पन्न होता है। आर्मेचर के पार्श्व में परिणामी वोल्टता V – Eb के कारण आर्मेचर धारा Ia = (V – Eb)/Ra प्रवाहित होती है, जहां Ra = आर्मेचर प्रतिरोध है।

विरोधी विद्युत वाहक बल Eb का मान अन्य घटकों के अतिरिक्त मोटर की गति पर निर्भर करता है। Eb का मान कम होने पर आर्मेचर धारा बढ़ती है यह बढ़ी हुई धारा अतिरिक्त बलघूर्ण उत्पन्न करती है तथा बढ़े हुए लोड के लिये अतिरिक्त शक्ति उपलब्ध कराती है।

जब तुल्यकाली मोटर पर लोड प्रयुक्त किया जाता है, तो इसकी औसत गति नहीं घटती, क्योंकि मोटर स्थिर गति पर घूमती है। इस प्रकार लोड प्रयुक्त करने पर आर्मेचर धारा में कोई वृद्धि नहीं होती जैसे कि दिष्ट शण्ट मोटर में होती है।

यदि तुल्यकाली मोटर पर लोड़ दिया जाता है, तो क्षणिक समय के लिए मोटर कुछ धीमी हो जाती है, जिससे रोटर ध्रुव, स्टेटर ध्रुव की अपेक्षा कुछ पीछे रह जाते हैं। रोटर और स्टेटर के मध्य कोण लोड कोण (Load Angle) या यूग्मित कोण (Coupling Angle) कहलाता है जो मोटर की घिरनी की शाफ्ट में ऐंठन (twist) के अनुरुप होता है। इस स्थिति में परिणामी वोल्टता Er बढ़ जाती है तथा मोटर अधिक आर्मेचर धारा लेने लगती है। चित्र में सिन्क्रोनस मोटर का वैक्टर डायग्राम दिया गया है।

तुल्यकाली मोटरों पर लोड का क्या प्रभाव होता है? (What is the effect of load on synchronous motor in hindi) | IMG 20211210 214342
Vector diagram of Synchronous motor

माना एक तुल्यकाली मोटर में,
Ra = आर्मेचर प्रतिरोध/फेज
Xs = तुल्यकाली प्रतिरोध/फेज
तुल्यकाली प्रतिबाधा, Zs = Ra + jXs
तथा Ia = Er/Zs

आर्मेचर धारा Ia परिणामी वोल्टता Er से कोण θ पश्चगामी है। कोण θ आंतरिक कोण कहलाता है तथा इसे tanθ = Xs/Ra द्वारा ज्ञात किया जा सकता है।

यदि आर्मेचर/फेज Ra नगण्य हो तब θ = 90° होगा।
मोटर निविष्ट (Input) = VIacosΦ (प्रतिफेज)
यहां V सप्लाई वोल्टता प्रति फेज है।
एक स्टार संयोजित त्रिफेजी मशीन में निविष्ट (Input)
P = √ 3VLIL cosθ
मोटर की रोटर में विकसित यांत्रिक शक्ति,
Pm = विरोधी विद्युत वाहक बल × आर्मेचर धारा × दोनों के मध्य कोण का cosine
= Eb × Is × cos(θ – Φ) प्रति फेज

रोटर में विकसित उपरोक्त यांत्रित शक्ति का कुछ भाग लौह तथा घर्षण हानियों की पूर्ति में व्यय हो जाता है। इस प्रकार शाफ्ट पर मिलने वाली शक्ति, कुल विकसित शक्ति से कम होती है।

इन्हें भी पढ़ें – तुल्यकालिक मोटर क्या है? What is synchronous motor in hindi

What is Electric Motor, in Hindi?