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प्रतिरोध क्या है?(What is Resistance in hindi)

नमस्कार दोस्तों इस लेख में हम जानेंगे कि प्रतिरोध (Resistance) क्या है? तथा प्रतिरोध किन किन बातों पर निर्भर करता है? तथा ब्रेकडाउन क्या होता है? तथा प्रतिरोध पर ताप (Temperature) का क्या प्रभाव होता है? तथा इससे जुड़े हुए अनेक तथ्यों के बारे में जानेंगे।

प्रतिरोध (Resistance)

धारा (current) या आवेश कण (charge particle) के प्रवाह में रुकावट करने वाले को प्रतिरोध (Resistance) कहते हैं।

  • चालक का प्रतिरोध चालक की लंबाई, क्षेत्रफल तथा चालक के पदार्थ पर निर्भर करता है।
  • जबकि resistivity type of material पर निर्भर करता है।
Resistance
Resistance diagram

R=ρl/A

यह भी इसी चालक का क्षेत्रफल 1 वर्ग मीटर तथा लंबाई 1 मीटर हो तो, resistivity प्रतिरोध के बराबर होती है इसे specific resistance कहते हैं।

ब्रेकडाउन (Breakdown)

कुचालक को आवेशित करने की प्रक्रिया को कुचालक का ब्रेक डाउन कहते हैं।

इस प्रक्रिया में कुचालक को अधिकतम वोल्टेज दिया जाता है जिसे कुचालक के bond टूट जाते हैं जिससे धारा प्रवाहित होने लगती

Rang of are is resistivity –

  • Conductor (चालक) – 10^(-6) to 10^(-8)
  • Semiconductor (अर्ध चालक) – 0.5 to 10^(-6)
  • Insulators (कुचालक) – more than 10^6

चालकता (Conductivity)

प्रतिरोधकता (resistivity) के व्युत्क्रम को Conductivity कहते हैं।

R=ρl/A

इसमें ρ चालकता है।

Numerical –

यदि प्रतिरोध R लंबाई और क्षेत्रफल दुगना कर दिया जाए, तो नया प्रतिरोध क्या होगा?

क्योंकि, R=ρl/A
इसलिए, नया प्रतिरोध R’ = 2ρl/2A
अतः R’ = R

यदि चालक का व्यास आधा कर दिया जाए तो नया प्रतिरोध क्या होगा?

क्योंकि, R =ρl/A
R’ =ρl/(1/2)²
R’ =ρl/1/4
R’ = 4l
अत:, R’ = 4R

यदि चालाक की लंबाई दोगुनी तथा क्षेत्रफल आधा कर दिया जाए, तो नया प्रतिरोध क्या होगा?

क्योंकि, R =ρl/A
R’ = 2ρl/A/2
R’ = 4ρl/A
R’ = 4ρl/A
अत: R’ = 4R

एक प्रतिरोध पर दबाव / तनाव का प्रभाव (Effect of pressure / stress on a resistance)

यदि किसी चालक को खींचकर उसकी लंबाई h गुनी तथा क्षेत्रफल 1/h गुना कर दी जाए तो, प्रतिरोध h² गुना हो जाएगा
l’ = hl

A’ = A/h

R’ = h²R

प्रतिरोध पर तापमान का प्रभाव (Effect of temperature on resistance)

चालक के लिए (For conductors) –

चालाक मे मुक्त इलेक्ट्रॉन काफी संख्या में होते हैं तापमान बढ़ाने पर bond टूटते हैं जिससे मुक्त इलेक्ट्रॉन बहुत अधिक बढ़ जाते हैं और एक दूसरे से टकराने लग जाते हैं जिससे उनकी mobility कम हो जाती है और चालक का प्रतिरोध बढ़ने लगता है
चालक में तापमान बढ़ाने पर केवल atomic structure change होता है

कुचालक के लिए (For insulators) –

मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होते हैं जिससे तापमान बढ़ाने पर bond टूटते हैं जिससे मुक्त इलेक्ट्रॉन हो जाते हैं जिससे conduction शुरु हो जाता है।

अर्द्धचालक के लिए (For semiconductor) –

Absolut zero पर अर्द्धचालक में सभी इलेक्ट्रॉन bond बनाने participate करते हैं अर्थात कोई भी मुक्त इलेक्ट्रॉन (free electron) नहीं होगा इसलिए अर्ध चालक कुचालक की भाति व्यवहार करता है।

तापमान गुणांक (Temperature cofficient) –

1°C तापमान परिवर्तन होने पर प्रतिरोध में आने वाले fractional change को Temperature cofficient कहते हैं।

  • यदि तापमान बढ़ाने पर प्रतिरोध बढ़ता है तो Temperature cofficient धनात्मक (Positive) होता है।
  • यदि तापमान बढ़ाने पर प्रतिरोध घटता है तो Temperature cofficient ऋणात्मक (Negative) होता है।
  • चालक में Temperature cofficient धनात्मक (Positive) होता है।
  • कुचालक में Temperature cofficient ऋणात्मक (Negative) होता है।
  • अर्ध चालक में Temperature cofficient ऋणात्मक (Negative) होता है।

इन्हें भी पढ़ें – प्रतिरोधक का कलर कोडिंग क्या होता है? (What is the color coding of resistor?)

डिजिटल वोल्टमीटर क्या है? What is Digital voltmeter in hindi –

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